(Not necessarily to like, comment, just read it and know the world's true, the world two inputs)
(All human mad at the world and mind are blinded by eye) - (the science - first)
ALL HUMAN ARE MAD , BLIND FROM EYES AND MIND
(translate in your language and read it)
दोस्तों , अबतक जो मैंने सभी भाषाओं में इश्वर पर लिखी किताब , स्थल,भवन , भवन में रखी प्रतिमा (आकृति), किताब आधारित - आत्मा , मुल्ला ,पंडित , ज्योतिषी ,अन्य के बारे में जो झूठ और ढोंग होने का संवाद दिया हैं 100% नहीं 200% सच हैं !
अब सबसे बड़े झूठ निर्माण का कारन और अनुमानित समय के साथ बता रहा जो
शब्द (नाम) में ही छिपे हैं !
इस झूठ का निर्माण तब हुआ होगा जब विश्व में केवल 20 देस ही थे और उस समय सभी को ज्ञान रहा होगा कि कोई जीव एकबार ही जन्म लेता है जिसमे मनुष्य भी एक जीव है जिसकी शरीर की सभी क्रिया बंद हो जाने से केवल साँस
रुक जाती और जिस समूचे शरीर को किसी अन्य विधि से (जल या अन्य) नस्ट
किया जाता होगा और उनके अपने विलाप करते होंगे
1 - यहाँ एक शब्द बना 20 = बीस = विष (हिंदी)
उस समय वर्तमान में रहे विश्व के 20 देसों ने अपने विचार को लेकर एकत्रित हुए
होंगे के साँस रुकने वाले जीव मनुष्य को नष्ट करने का उपाय क्या होना चाहिए ,जिसमे
20 देसों का छोटा देस का विचार रहा होगा कि जला देना चाहिए ! जिसका समर्थन 12 देसों ने किया 8 देसों ने असमर्थन किया और इन 8 देसों ने समूचा शरीर मिट्टी में डालने का विचार रखा होगा
अब यहाँ शब्द बने 2 - 20 देसों का छोटा (अनु) = विष + अणु = विष्णु
3 - 12 देसों का योजना (अंड या एंड ) = ब्रह्माण्ड
4 - 8 देसों का योजना समूचे शरीर को मिट्टी में डालना
= मुस्ल्लं + मान =मुसलमान
5 - दो में हिन् (अंतर) हिन् + दो = हिन्दू
दोस्तों बनाये गए इन दो धर्मो के लिए झूठे धर्मो के किताब लिखने और आकृति
का निर्माण भी इन्ही 20 देसों ने किया जिसमे हिन्दू शब्द (जाती) के लिए
सूर्य (sun) को आधार लिया कारन कि जलाने का रस्म लाना था , जिस आधार पर sun + script = sunscript = संस्कृत भाषा का निर्माण
कर झूठे देवताओं और कार्य ,योनी जीवो को देख बनाया , जिस किताब के
आधार पर मनुष्य अबतक झूठे तंत्र-मंत्र और ज्योतिष विधा का ढोंग करते
हैं इसी प्रकार सभी नामो का झूठे कहानी और आकृति का निर्माण कर सभीको
और अपनेआपको ठगते जबकि समूचे शरीर को आग में जलते और मिट्टी
मिलते देखते
इसपर भरोसा ना हो तो अपने शरीर के बारे में सोचकर और सामने रखे
उस मिट्टी पत्थर के आकृति को तोड़ कर देखो जिसे तुम प्रार्थना करते ,और
सोचो वो मिट्टी-पत्थर या कागज पर बनी तस्वीरें क्या कर सकता तुम्हे ,
सभी सच समझ जाओगे
www.facebook.com/raj.kewal.9
(All human mad at the world and mind are blinded by eye) - (the science - first)
ALL HUMAN ARE MAD , BLIND FROM EYES AND MIND
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दोस्तों , अबतक जो मैंने सभी भाषाओं में इश्वर पर लिखी किताब , स्थल,भवन , भवन में रखी प्रतिमा (आकृति), किताब आधारित - आत्मा , मुल्ला ,पंडित , ज्योतिषी ,अन्य के बारे में जो झूठ और ढोंग होने का संवाद दिया हैं 100% नहीं 200% सच हैं !
अब सबसे बड़े झूठ निर्माण का कारन और अनुमानित समय के साथ बता रहा जो
शब्द (नाम) में ही छिपे हैं !
इस झूठ का निर्माण तब हुआ होगा जब विश्व में केवल 20 देस ही थे और उस समय सभी को ज्ञान रहा होगा कि कोई जीव एकबार ही जन्म लेता है जिसमे मनुष्य भी एक जीव है जिसकी शरीर की सभी क्रिया बंद हो जाने से केवल साँस
रुक जाती और जिस समूचे शरीर को किसी अन्य विधि से (जल या अन्य) नस्ट
किया जाता होगा और उनके अपने विलाप करते होंगे
1 - यहाँ एक शब्द बना 20 = बीस = विष (हिंदी)
उस समय वर्तमान में रहे विश्व के 20 देसों ने अपने विचार को लेकर एकत्रित हुए
होंगे के साँस रुकने वाले जीव मनुष्य को नष्ट करने का उपाय क्या होना चाहिए ,जिसमे
20 देसों का छोटा देस का विचार रहा होगा कि जला देना चाहिए ! जिसका समर्थन 12 देसों ने किया 8 देसों ने असमर्थन किया और इन 8 देसों ने समूचा शरीर मिट्टी में डालने का विचार रखा होगा
अब यहाँ शब्द बने 2 - 20 देसों का छोटा (अनु) = विष + अणु = विष्णु
3 - 12 देसों का योजना (अंड या एंड ) = ब्रह्माण्ड
4 - 8 देसों का योजना समूचे शरीर को मिट्टी में डालना
= मुस्ल्लं + मान =मुसलमान
5 - दो में हिन् (अंतर) हिन् + दो = हिन्दू
दोस्तों बनाये गए इन दो धर्मो के लिए झूठे धर्मो के किताब लिखने और आकृति
का निर्माण भी इन्ही 20 देसों ने किया जिसमे हिन्दू शब्द (जाती) के लिए
सूर्य (sun) को आधार लिया कारन कि जलाने का रस्म लाना था , जिस आधार पर sun + script = sunscript = संस्कृत भाषा का निर्माण
कर झूठे देवताओं और कार्य ,योनी जीवो को देख बनाया , जिस किताब के
आधार पर मनुष्य अबतक झूठे तंत्र-मंत्र और ज्योतिष विधा का ढोंग करते
हैं इसी प्रकार सभी नामो का झूठे कहानी और आकृति का निर्माण कर सभीको
और अपनेआपको ठगते जबकि समूचे शरीर को आग में जलते और मिट्टी
मिलते देखते
इसपर भरोसा ना हो तो अपने शरीर के बारे में सोचकर और सामने रखे
उस मिट्टी पत्थर के आकृति को तोड़ कर देखो जिसे तुम प्रार्थना करते ,और
सोचो वो मिट्टी-पत्थर या कागज पर बनी तस्वीरें क्या कर सकता तुम्हे ,
सभी सच समझ जाओगे
वैसे मै कुछ शब्द दे रहा जिसे खुद समझो ---------------------
1 - हिन्दुस्तानी या हिन्दू केलिए - भगवान (शिश्न ) ,इश्वर (अन्दर कि आवाज) दो
शब्द बने , जिसे प्रार्थना करने केलिए मुख्य मिला = शिश्न (लिंग)
1 - हिन्दुस्तानी या हिन्दू केलिए - भगवान (शिश्न ) ,इश्वर (अन्दर कि आवाज) दो
शब्द बने , जिसे प्रार्थना करने केलिए मुख्य मिला = शिश्न (लिंग)
2 - मुसलमान केलिए बना - अल्लाह् यानि आला (सभी) ,खुदा दो शब्द मुख्य , जिसे
प्रार्थना करने केलिए मिला = सभी जगह (खली जगह)
प्रार्थना करने केलिए मिला = सभी जगह (खली जगह)
3 - बिदेसी (अंग्रजी) को मिला क्रोस (+) जिसे मिला प्राथना केलिए = Dog (कुत्ता)
का उल्टा सब्द = God
का उल्टा सब्द = God
दोस्तों , अब सभी के लक्षण पर नजर दो और सभी सच जानो
( काम - वासना ,अन्य पर , और तुम सोचो आकाश की कितनी दुरी है ,जहाँ निचे की
हवा नहीं जा सकती तो तुम कैसे जाओगे ,तुम बिंद नहीं समुचा शरीर जीव और
ठोस हो जिसको उसका अंग चला रहा होता है ,कोई और नहीं )
==== इस संवाद को सभी मनुष्यों को दो जानकारी केलिए अबतक क्या होता आया = = =( काम - वासना ,अन्य पर , और तुम सोचो आकाश की कितनी दुरी है ,जहाँ निचे की
हवा नहीं जा सकती तो तुम कैसे जाओगे ,तुम बिंद नहीं समुचा शरीर जीव और
ठोस हो जिसको उसका अंग चला रहा होता है ,कोई और नहीं )
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