https://gen.xyz/register?aid=99999&domain=com.comपसंद करना जरुरी नही , कोई टिप्पणी नहीं , केवल पढो और जानो, दुनिया का सच, दुनिया को दो जानकारी
(सभी मानव पागल और दुनिया में मन-आँख से अंधे हैं) -(विज्ञानं वाले - प्रथम)
(सरल भाषा)
दुनिया में- भगवान की सभी भाषा (भगवान, अल्लाह, जीजस, संकट, अन्य) से संबंधित (रामायण,
गीता, कुरान, बाइबिल, अन्य पुस्तक विज्ञान से झूठ पर बना), सभी की कहानी , जगह, चरित्र, मंदिर
अन्य - प्राणियों के लिए झूठा बना, जो एकबार केलिए पैदा हुए, सभी पुस्तक प्राणी ने लिखें, जो मानव
द्वारा विशेष मानव के लिए झूठा बना ========================
जो सरल प्रयोग के द्वारा पता चलता है, आप अपने शरीर के अंदर और बाहर की भाग को देखो और इसके बारे में सोचो कि कौन सा अंग परमेश्वर का हिस्सा है, क्योंकि समूचा शरीर-अंग आप हो और जिसे मिट्टी
में जाना है जब अपनी सांस बंद करोगे, प्राणी का समूचा शरीर और अंग की क्रियाओ के बंद हो जाने उपरांत शरीर शांत हो जाता पर वो प्राणी समूचा सामने रहता है, जिसे पुस्तक में लिखे झूठे कहनियों के आधार पर परिजनों द्वारा जलाया या मिट्टी में दफनाया जाता है, झूठे मनोवैज्ञानिक पुस्तक को आधार मानकर ================================
अपने शरीर के बिंद को समझो ,
--------------------------------
अपने शरीर, संरचना और उसका हिस्सा आप, आप हवा नहीं हैं, और आप आत्मा या किसी अन्य जगह नही, आप अपनी बाहरी अंग को पहले समझो
- आँख में मिट्टी की कण पर जाने पर किसी और को दर्द नही होती
- तुम्हारे शरीर के अंग कट जाने पर किसी और की अंग नही कट जाती
- समूचे शरीर की क्रियाओं को बंद हो जाने पर उसके दर्द का एहसास किसी और को नही
-और जिसे जलाये जाने और मिट्टी में दफनाये जाने के सच को छुपाने केलिए ही झूठे भगवान् का
निर्माण कर सभी वस्तुओं में मनोवैज्ञानिक निर्माण किया =========================
आप अलग-अलग केवल -लिंग , वेश-भाषा से हिन्दू , मुस्लिम, सिख, इसाई जो मनोवैग्यानिक कलाकारों ने बनाया है ? केवल मन अवरुद्ध के लिए, कुछ चिकित्सा विज्ञान है
- ( आप आत्मा नहीं, सभी संरचना, शरीर और भाग आप हैं)
मम्मी - पता है क्यों चिकित्सा और पट्टी के साथ मानव को दफन कर दिया जाता था,
कहानी में सभी भाषा का - देवता, स्थान,आकृति बनाना झूठ पर पुराने समय में मनोवैज्ञानिक से / यह सच है - मजाक नही
विवरण - जाने अपनी भाषा में , अपने शरीर के प्रयोग से क्योकि साँस बंद हो जाने पर मिट्टी में दफनाये या जलाये गये प्राणी बता नही सकता के भगवान नही और उसकी अंत दर्द के साथ हुई जिसे झूठे रस्मो में बाँट कर झूठा स्वर्ग -नरक पुस्तक की अक्षरों (शब्दों) में दिखाया गया,
========================================================
- सभी वस्तुओं और जीव का निर्माण स्वतः, इसका निर्माता और मालिक कोई नही,
-निर्मित सभी पुस्तक और धर्मग्रन्थ में चरित्रों का निर्माण मनुष्यों से, मनुष्यों का मष्तिष्क
अवरूध्द केलिए
-स्थलों और आकृतियों का निर्माण मनोविज्ञान काल्पनिक झूठ
-कल्पनाओं का विस्तार अबतक, मनुष्य खुद को समझ पाने में अक्ल और आँख दोनों से अंधे
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(सभी मानव पागल और दुनिया में मन-आँख से अंधे हैं) -(विज्ञानं वाले - प्रथम)
(सरल भाषा)
दुनिया में- भगवान की सभी भाषा (भगवान, अल्लाह, जीजस, संकट, अन्य) से संबंधित (रामायण,
गीता, कुरान, बाइबिल, अन्य पुस्तक विज्ञान से झूठ पर बना), सभी की कहानी , जगह, चरित्र, मंदिर
अन्य - प्राणियों के लिए झूठा बना, जो एकबार केलिए पैदा हुए, सभी पुस्तक प्राणी ने लिखें, जो मानव
द्वारा विशेष मानव के लिए झूठा बना ========================
जो सरल प्रयोग के द्वारा पता चलता है, आप अपने शरीर के अंदर और बाहर की भाग को देखो और इसके बारे में सोचो कि कौन सा अंग परमेश्वर का हिस्सा है, क्योंकि समूचा शरीर-अंग आप हो और जिसे मिट्टी
में जाना है जब अपनी सांस बंद करोगे, प्राणी का समूचा शरीर और अंग की क्रियाओ के बंद हो जाने उपरांत शरीर शांत हो जाता पर वो प्राणी समूचा सामने रहता है, जिसे पुस्तक में लिखे झूठे कहनियों के आधार पर परिजनों द्वारा जलाया या मिट्टी में दफनाया जाता है, झूठे मनोवैज्ञानिक पुस्तक को आधार मानकर ================================
अपने शरीर के बिंद को समझो ,
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अपने शरीर, संरचना और उसका हिस्सा आप, आप हवा नहीं हैं, और आप आत्मा या किसी अन्य जगह नही, आप अपनी बाहरी अंग को पहले समझो
- आँख में मिट्टी की कण पर जाने पर किसी और को दर्द नही होती
- तुम्हारे शरीर के अंग कट जाने पर किसी और की अंग नही कट जाती
- समूचे शरीर की क्रियाओं को बंद हो जाने पर उसके दर्द का एहसास किसी और को नही
-और जिसे जलाये जाने और मिट्टी में दफनाये जाने के सच को छुपाने केलिए ही झूठे भगवान् का
निर्माण कर सभी वस्तुओं में मनोवैज्ञानिक निर्माण किया =========================
आप अलग-अलग केवल -लिंग , वेश-भाषा से हिन्दू , मुस्लिम, सिख, इसाई जो मनोवैग्यानिक कलाकारों ने बनाया है ? केवल मन अवरुद्ध के लिए, कुछ चिकित्सा विज्ञान है
- ( आप आत्मा नहीं, सभी संरचना, शरीर और भाग आप हैं)
मम्मी - पता है क्यों चिकित्सा और पट्टी के साथ मानव को दफन कर दिया जाता था,
कहानी में सभी भाषा का - देवता, स्थान,आकृति बनाना झूठ पर पुराने समय में मनोवैज्ञानिक से / यह सच है - मजाक नही
विवरण - जाने अपनी भाषा में , अपने शरीर के प्रयोग से क्योकि साँस बंद हो जाने पर मिट्टी में दफनाये या जलाये गये प्राणी बता नही सकता के भगवान नही और उसकी अंत दर्द के साथ हुई जिसे झूठे रस्मो में बाँट कर झूठा स्वर्ग -नरक पुस्तक की अक्षरों (शब्दों) में दिखाया गया,
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- सभी वस्तुओं और जीव का निर्माण स्वतः, इसका निर्माता और मालिक कोई नही,
-निर्मित सभी पुस्तक और धर्मग्रन्थ में चरित्रों का निर्माण मनुष्यों से, मनुष्यों का मष्तिष्क
अवरूध्द केलिए
-स्थलों और आकृतियों का निर्माण मनोविज्ञान काल्पनिक झूठ
-कल्पनाओं का विस्तार अबतक, मनुष्य खुद को समझ पाने में अक्ल और आँख दोनों से अंधे
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